आप किसी को जो भी गिफ्ट दें, यदि उसमें किसी समस्या का समाधान है तो उपहार का मोल लाखों गुना बढ़ जाता है

एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु

हम सभी अपने करीबियों और अपने ग्राहकों को त्योहारों के दौरान गिफ्ट हैंपर (उपहार) देते हैं। मेरे जैसे दक्षिण भारतीयों के लिए उपहार देने की प्रक्रिया जनवरी मध्य से ही शुरू हो जाती है, जब हम ‘पोंगल’ मनाते हैं, जो दक्षिण में फसल की कटाई का बड़ा त्योहार है।

अमीर और मध्यमवर्ग से जुड़े मेरे कई मित्र मुझसे गिफ्ट हैंपर के आइडिया पूछते हैं और अपना बजट बताते हैं। हर साल जब मैं बैठकर सोच रहा होता हूं कि क्या देना चाहिए, कहीं न कहीं, कोई न कोई अपने शानदार और हटकर विचार से मुझे पछाड़कर हैरान कर देता है। और 2021 भी ऐसा ही रहा। दो लोगों ने अपने काम से या फिर वे इस साल क्या करने वाले हैं, यह घोषणा कर मुझे साल के पहले दिन ही हरा दिया।

पहला व्यक्ति: वे 80 वर्षीय हैं। निम्न मध्यमवर्गीय परिवार से आए हैं और सेना में बतौर ड्राइवर काम करते थे, वहीं उनकी पत्नी एक स्कूल शिक्षिका थीं। भयानक गरीबी से जुड़ी जीवन की कठोर वास्तविकताओं की वजह से उन्हें बचपन में स्कूल छोड़ना पड़ा। उन्होंने वर्षों तक गरीबीभरा बचपन देखा था, इसीलिए जब उनकी स्थिति ठीक हुई तो वे गरीबों की कुछ सेवा करने के लिए प्रेरित हुए। मितव्ययी जीवन जीते हुए दंपती ने कुछ बचत की और उन्होंने 1981 में करीब 11 हजार वर्गफीट जमीन खरीदी। फिर उन्होंने 600 वर्गफीट के पांच घर बनाए, जिनमें प्रत्येक की कीमत उस जमीन पर करीब सात लाख रुपए है। और इस 31 दिसंबर 2020 को उन्होंने वे घर बतौर नए साल का उपहार, पांच बेघर परिवारों को दे दिए।

मिलिए केरल के थ्रिसूर निवासी कोरट्‌टी वर्गीस और उनकी पत्नी फिलोमेना से। रिटायमेंट के बाद वर्गीस उस जमीन पर किसानी करने लगे, जो उन्हें विरासत में मिली थी, जबकि फिलोमेना पास के स्कूल में बतौर क्राफ्ट शिक्षक काम करने लगीं। दोनों किराये के मकान में रहते हैं। और अलग-अलग हिस्सों से आए पांच बेघर परिवार नए साल में अपने खुद के घर में जागे।

दूसरा व्यक्ति: 18 वर्ष की उम्र में वह क्वाड्रीप्लेजिआ की शिकार हो गई। इसमें शरीर का कंधों से नीचे का हिस्सा लकवाग्रस्त हो जाता है, जो स्पाइनल कॉर्ड को नुकसान पहुंचने से होता है। हादसे के बाद पिछले 22 वर्षों से प्रीति श्रीनिवासन ने कई मुश्किलें झेलीं और उन्हें अहसास हुआ कि देश में एक भी एकीकृत स्पाइनल रिहैबिलिटेशन (रीढ़ सुधार) केंद्र नहीं है। इसीलिए वह भगवान गणेश के भाई भगवान कार्तिक के मंदिर के शहर तिरुवन्नमलाई में 1 फरवरी 2021 से ऐसा केंद्र स्थापित कर रही हैं। इस केंद्र में क्वाड्रीप्लेजिआ के इलाज में संपूर्ण चिकित्सा इस्तेमाल होगी, जिसमें एलोपैथी के साथ आयुर्वेद, जल उपचार, योग, चित्रकला, संगीत और परामर्श का मेल किया जाएगा।

मरीज अपनी मां के साथ रुक सकेंगे। इस आवासीय केंद्र में 60 लोग रह सकेंगे, फिलहाल 10-15 मरीजों से शुरुआत की जा रही है। तमिलनाडु सरकार ने लीज पर जमीन दी है, जिसपर 16 हजार स्क्वेयर फीट की इमारत थी, जिसकी मरम्मत की गई। और यह शायद देश का पहला एकीकृत स्पाइनल रिहैबिलिटेशन केंद्र बनेगा, ताकि ऐसी चोटों के शिकार लोगों को वह कष्ट न सहना पड़े, जो प्रीति ने सहा। ऐसा विचार, जिसमें व्यक्ति सोचे कि ‘जो कष्ट मुझे हुआ, वह दूसरे को न हो’, वह अपने आप में ही नेक विचार है।

फंडा यह है कि आप जो भी दें, गिफ्ट हैंपर या कुछ और, उसमें अगर उनकी समस्या का समाधान है तो उपहार का मोल लाखों गुना बढ़ जाता है।

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