किसी समस्या का गंभीरता से हल ढूंढा जाए, तो आपको एक बिजनेस आइडिया मिल सकता है

Management Funda by N. Raghuraman

क्या आप पीछे छूट जाते हैं क्योंकि आप राइट-हैंडेड (दायां हाथ इस्तेमाल करने वाले) नहीं हैं? हम सभी ने लेफ्ट-हैंडेड बच्चों को राइट-हैंडेड लोगों की दुनिया में संघर्ष करते देखा है। मैत्री वाढेर की मां उसका बायां हाथ बांधकर, उसे दायें हाथ से खाने को कहती थीं। ऐसा कुछ महीने चलता रहा। फिर माता-पिता बाल-विशेषज्ञ से मिले, जिन्होंने बताया कि मां सही नहीं कर रही थीं। उन्होंने कहा कि बच्ची से जबरदस्ती दायां हाथ इस्तेमाल करवाने से उसके विकास पर असर पड़ सकता है और उसका आत्मविश्वास कम हो सकता है।

हालांकि गुरिंदर सिंह के साथ ऐसा कुछ नहीं हुआ, लेकिन 2015 में, जब वह पांचवीं में आया, तो उसे पता चला कि उसे लिखना और चित्रकारी, इन दो आधारभूत कार्यों में संघर्ष करना पड़ रहा है। उसके पैरेंट, संदीप और पवित्तर के पास गुरिंदर की होमवर्क पूरा न होने या क्लास में नोट्स न लिखने की शिकायतें पहुंचने लगीं।

लेफ्ट हैंडर्स लिखने में धीमे होते हैं, मुख्यत: इसलिए क्योंकि आंखों के सामने हाथ बीच में आने पर उन्हें वाक्य में पहले लिखा गया शब्द नजर नहीं आता। गुरिंदर की समस्या सिर्फ लिखने तक सीमित नहीं थी। उसे क्राफ्ट की क्लास में उस कैंची से पेपर काटने में समस्या होती थी, जो राइट हैंडर्स के लिए ही बनी थी।

संदीप और पवित्तर को महसूस हुआ कि उन्हें न सिर्फ कैचियों की, बल्कि रोजमर्रा के इस्तेमाल की हर चीज की जरूरत है। एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर एक कैंची 1200 रुपए की मिली और वह भारत में भी नहीं बनी थी। ऐसा कोई आंत्रप्रेन्योर नहीं था, जो लेफ्ट हैंडर्स के लिए उत्पाद बनाता हो क्योंकि उन्हें लगता था कि लेफ्ट हैंडर्स की संख्या बहुत कम है। और तब संदीप-पवित्तरके दिमाग में इस कमी को पूरा करने का आइडिया आया। पुणे की रूलर बनाने वाली एक कंपनी लेफ्ट हैंडर्स की जरूरत के मुताबिक रूलर और गुजरात की एक कंपनी पेंसिल शार्पनर बनाने तैयार हो गई।

अन्य कंपनियां क्लिपबोर्ड, ब्लेड कटर और हैंड राइटिंग कॉपियों को लेफ्ट हैंडर्स के लिए बनाने को राजी हो गईं। अन्य उत्पादों में पाउच, क्ले और प्लेइंग कार्ड्स शामिल हैं। इन स्थानीय विक्रेताओं और फ्रेंच कंपनी मैप्ड के साथ ‘द लेफ्ट हैंड शॉप’ स्टार्टअप का जन्म 2016 में हुआ। ‘मायलेफ्टहैंड’ मैप्ड द्वारा बनाए गई कैंचियां तथा पेन और बाकी के उत्पाद ‘मायलेफ्ट’ ब्रैंड के तहत बनाए और बेचे जा रहे हैं।

उन्हें यह समझने में 7 महीने लगे कि कीमत कम कैसे की जाए। अब 1200 रु. की मैप्ड कैंचियां 200 की आती है, जबकि 600 के पेंसिल शार्पनर की कीमत 28 रुपए है। अन्य उत्पाद भी इसी बजट रेंज में हैं। आज स्टार्टअप के करीब 50,000 ग्राहक हैं, जो लगातार बढ़ रहे हैं। मैत्री वाढेर के बचपन का अनुभव उनके मन में कहीं टीस उठाता रहा, जिसने उन्हें इसके लिए कुछ करने को प्रेरित किया। एक दिन वे सेंट जोसेफ्स इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के एक आयोजन में बतौर पोस्टग्रैजुएट छात्रा हिस्सा ले रही थीं, तब उन्हें लेफ्ट हैंडर्स के लिए एक स्टोर शुरू करने का कच्चा-सा विचार आया।

उन्होंने इसे जजों के सामने प्रस्तुत किया, जो वेंचर कैपिटलिस्ट थे। और उसके लिए खुशी की बात यह थी कि उसका आइडिया उन्हें पसंद आया। उन्हें भरोसा था कि मैत्री का आइडिया काम करेगा और उसे इसे वास्तविकता में बदलने का प्रोत्साहन मिला। इस तरह 25 वर्षीय मैत्री बेंगलुरु में ‘द लेफ्ट आउट स्टोर’ की फाउंडर बन गई।

फंडा यह है किसी समस्या का गंभीरता से हल ढूंढा जाए, तो आपको एक बिजनेस आइडिया मिल सकता है।

एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु

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