तलाक के बढ़ते मामलों के बीच हमारे लिए फैसला लेने का समय आ गया है कि क्या हमें शादी के कोर्स की जरूरत है या नहीं

एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु

सोमवार की रात मैं पत्नी के साथ एक वकील मित्र के घर लगभग दो साल बाद डिनर के लिए गया था। हम जैसे ही अंदर गए, पड़ोसियों ने झांककर देखा कि हम कौन थे। मुंबई में आमतौर पर ऐसा नहीं होता। मैंने कभी इस शहर को पड़ोसियों के मेहमानों की परवाह करते नहीं देखा। मेरी त्योरियां चढ़ी देखकर मित्र ने पड़ोसियों के नए व्यवहार के बारे में बताया।

दरअसल लॉकडाउन और फिर अनलॉक के बाद से मेरा वकील मित्र तलाक के कई मामलों में व्यस्त है, जिनकी संख्या पिछले साल की तुलना में कुछ सौ गुना बढ़ गई है। चूंकि तलाक लेने वाले दंपति उनके घर आते रहते हैं, इसलिए पड़ोसी नई जिज्ञासा दिखा रहे हैं।

डिनर के दौरान तलाक के मामलों में होने वाली तकलीफ पर चर्चा हुई। मित्र के मुताबिक उन्हें बच्चों का दर्द और उनकी कस्टडी के झगड़ों के कारण दु:ख होता है। उन्होंने कहा, ‘अलग होने के बाद भी दंपति बीते कल के झगड़ों में उलझे रहते हैं और एक-दूसरे को बेइज्जत करते हैं।’

और जब मैंने उनसे पूछा कि बतौर राष्ट्र इसका क्या हल होना चाहिए, तो मित्र ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘हमें शायद नैतिक शिक्षा की ही तरह एक कोर्स की जरूरत है जो सिखाए कि शादी कैसे की जाए और उसके बाद हमेशा खुश कैसे रहें।’

मुझे लगा बात तो सही है। जब हम चाहते हैं कि हमारा बच्चा इंजीनियर, डॉक्टर, सीए या अन्य पेशेवर बने, तो हमें पता होता है कि उसे कॉलेज में किस कोर्स में दाखिला दिलाना है। लेकिन हम कभी बच्चे को ऐसा कोर्स करवाने का नहीं सोचते जिससे वो आत्मविश्वास के साथ वैवाहिक जीवन में जाए।

जब मैंने मित्र से कहा कि ऐसा कोर्स बनाने के लिए उनसे बेहतर कौन होगा, जो तलाक के पीछे के जरूरी और आम कारण समझते हैं और बता सकते हैं कि क्या करना चाहिए, क्या नहीं। यह सुन वे मुस्कुराए और बोले कि इंग्लैंड पहले ही इस विचार पर काम कर रहा है और उन्होंने लंदन की कुछ मीडिया रिपोर्ट्स मुझे भेजीं।

एक ऐप के जरिये शादी के लिए जीवन के सबक बताने का विचार उस सेलिब्रिटी वकील को आया, जो तलाक के मामलों में 1996 में प्रिंसेस डायना को तलाक देने वाले प्रिंस चार्ल्स, फॉर्मूला-1 की उत्तराधिकारी पेट्रा एस्क्लेस्टोन, मडोना और जॉर्डन की राजकुमारी हया बिंत अल-हुसैन का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। शायद उन्हें अलग होने के पीछे के दर्द की समझ है, इसलिए ये सुपरस्टार डिवोर्स लॉयर, फिओना शैकलटन ‘रिलेशनशिप सुटेबिलिटी ऐप’ बना रही हैं, जो एक-दूसरे के लिए अनुपयुक्त टीनएज प्रेमियों को जल्दबाजी में या गलत साथी से शादी करने से रोकेगा।

अब ये हाई-प्रोफाइल वकील न सिर्फ ऐप बना रही हैं बल्कि कॉलेजों के लिए कक्षा प्रारूप भी बना रही हैं। इससे पहले कि कोई जोड़ा एक-दूसरे का होने का फैसला ले, ये प्रारूप पहले ही संभावित समस्या बता देगा।

उन्होंने एक्सटर कॉलेज, लंदन के एक शोध को स्पॉन्सर किया है, जिसने बताया है कि युवाओं के बीच अक्सर ‘अवास्तविक उम्मीदों’ या ‘अनुपयुक्त होने’ के कारण रिश्ते टूट जाते हैं। जून 2018 की रिपोर्ट में रिश्तों के टूटने के मुख्य कारणों और इन्हें रोकने के लिए तरीकों पर परिवार संबंधी कानूनी पेशेवरों और जोड़ों के मत बताए गए थे।

इस उपक्रम से पता चला कि ‘कुछ बिंदुओं की परवाह न करना और संबंध का पोषण न करना’ रिश्ते टूटने के प्रमुख कारण हैं। 64 वर्षीय शैकलटन का ऐप और कोर्स बनाने का प्रयास शायद शादी को बतौर संस्थान चलाने के लिए युवाओं को रास्ता दिखाए। याद रखें, यह संस्थान इतना लगातार नहीं गिर सकता और हमारे बच्चों को दयनीय स्थिति में नहीं ला सकता।

फंडा यह है कि तलाक के बढ़ते मामलों के बीच हमारे लिए फैसला लेने का समय आ गया है कि क्या हमें शादी के कोर्स की जरूरत है या नहीं।

Leave a Reply