युवा अगर 2022-23 के बाद बेहतर वेतन वाली नौकरी तलाशना चाहते हैं, तो याद रखें कि ये रिटेल सेक्टर में छिपी है

Management Funda by N. Raghuraman

पिछले महीने अमेरिका की बड़ी सुपरमार्केट कंपनी वालमार्ट ने कुछ चीजें बंद कर दीं। कई वर्षों तक स्टॉक की ट्रैकिंग के लिए रोबोट समेत कई ऑटोमेटेड तकनीकों पर प्रयोग के बाद वालमार्ट ने तय किया है कि वास्तव में लोग ही बेहतर काम करते हैं।

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की 2013 की रिपोर्ट ने कहा था कि 2020 में लगभग 92% सेल्स असिस्टेंट की जगह टेक्नोलॉजी या रोबोट ले लेंगे। लेकिन महामारी में बढ़ी ऑनलाइन शॉपिंग के बावजूद यह अनुमान गलत साबित हुआ। लॉकडाउन के बाद केवल आठ महीनों में ही ऑनलाइन शॉपिंग की धुन कम से कम गैर-जरूरी सामग्रियों के लिए तो धीरे-धीरे कम हो रही है। कई लोग बाहर जाकर सामान खरीदना चाहते हैं। यहां तक कि कई दुकानें, जहां ‘ऑटोमेटेड स्टोरेज एंड रिट्रीवल सिस्टम’ के तहत रोबोट चल रहे थे, वे भी चमक खो रहे हैं। उस विकसित दुनिया में नया विपरीत कथानक उभर रहा है, जो पहले सोचती थी कि दुकान में काम करना छोटी नौकरी है।

इसीलिए वालमार्ट जैसी कंपनियां ‘टेक्नोलॉजी सबकुछ नहीं कर सकती’ पर जोर देने लगी हैं, खासतौर पर इंसान से इंसान के स्तर पर संवाद, समुदायों के निर्माण और वफादारी पैदा करने जैसे क्षेत्रों में। वे अब मानते हैं कि सेक्टर को पुनर्जीवित करने के लिए बिक्री सहायक सर्वश्रेष्ठ लोग हैं। सेल्स कर्मचारियों से वर्षों तक बुहत काम कराने और कम पैसे व सराहना देने के बाद रिटेलर्स को यह अहसास हुआ है।

इस सोच का नतीजा यह है कि बड़ी रिटेल कंपनियां आने वाले वर्षों में उन लोगों को अच्छा वेतन देंगी, जो ‘सुपर सेल्स असिस्टेंट’ की श्रेणी में आएंगे, जो ग्राहकों की सेवा की गति बढ़ाने के लिए तकनीक का उत्कृष्ट इस्तेमाल कर ‘स्मार्ट शेल्विंग’ (सामान जमाना) और ‘स्टॉक की भौतिक जांच’ जैसे कई काम रोबोट से करवा पाएंगे।

पुराने जमाने में लोग स्थानीय दुकानदारों के पास जाते थे, जिन्हें वे नाम से जानते थे और जो व्यक्तिगत संबंधों के माध्यम से उनकी जरूरतों का अनुमान लगा लेते थे। दुर्भाग्य से, अब बहुत कम विक्रेता यह समझने को तैयार हैं कि लोग ही वे खास तत्व हैं जो रिटेल बिजनेस को अच्छा बनाते हैं।

दैनिक भास्कर समूह के चेयरमैन स्वर्गीय श्री रमेशचंद्र अग्रवाल यह मानते थे कि किसी भी कॉर्पोरेशन की लंबी उम्र के लिए यह आधारभूत गुण है कि वह दुनिया से जुड़े और जीवनभर जुड़ा रहे। यह ऐसा सिद्धांत है, जिसका पालन यह अखबार आज भी शिद्दत से करता है। उनके ‘जुड़ने और जुड़े रहने’ पर इसी विश्वास के सम्मान में, इस साल 30 नवंबर को 12 राज्यों के मुख्यमंत्रियों और राज्यपालों ने उनकी स्मृति में डाक टिकट जारी किया।

टेक्नोलॉजी के मामले में भी पर्सनलाइजेशन इंजन (व्यक्ति पसंद आधारित साधन) 2021 तक और अधिक परिष्कृत हो जाएंगे। वे शॉप फ्लोर पर खड़े ग्राहक की जरूरतों का अनुमान लगाएंगे और सेल्स कर्मचारियों को सुझाव देंगे, जिससे सामान ढूंढने का समय बचेगा। फैशन के मामले में इसमें आपके बॉडी स्कैन के आधार पर ऐसे कपड़े चुनना भी जुड़ जाएगा जो आपको फिट हों। व्यक्तिगत पसंद आधारित ऑफर्स को नए स्तर पर ले जाने के लिए इंसान जरूरी हैं, जो अन्य इंसानों से अच्छे से जुड़ सकें।

इस तरह नौकरियां लौटेंगी, लेकिन केवल उन कर्मचारियों के लिए जो ‘लोगों से जुड़ाव’ को नए स्तर पर ले जाएंगे। किसी ग्राहक की जरूरत का पूर्वानुमान लगाना और उस उद्देश्य को पूरा करना कर्मचारियों को ग्राहकों के साथ ही नौकरी देने वालों के बीच मशहूर बनाएगा। और इस गुण को पाने के लिए आपको अपने अंदर ज्यादा से ज्यादा समानुभूति और मानवता विकसित करनी होगी।

फंडा यह है कि युवा अगर 2022-23 के बाद बेहतर वेतन वाली नौकरी तलाशना चाहते हैं, तो याद रखें कि ये रिटेल सेक्टर में छिपी है और उसे पाने के लिए आपको ऐसा व्यक्ति बनना होगा जो दुनिया से जुड़ सके और हमेशा जुड़ा रहे।- एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु

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