बच्चों के सामने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां रखें और सामाजिक उद्देश्यों के काम करवाएं, इससे उन्हें भविष्य मजबूत बनाने में मिलेगी मदद

एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु इस मंगलवार देहरादून से 220 किमी दूर बागेश्वर के जखनी गांव में सैकड़ों महिलाएं, जिनमें आठ साल की बच्चियां तक शामिल थीं, ने एक जंगल में 500 पेड़ों को गले लगा लिया। उनका कहना था कि वे मर जाएंगी, पर पेड़ नहीं कटने देंगी। यहां बांज ओक और बुरांस जैसे उत्तराखंड … Read more

महान शिक्षक हमेशा प्रेरणादायी होते हैं, जिनमें सकारात्मक रवैये के साथ एक अच्छा इंसान भी होता है

Funda by N. Raghuraman

एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु यूके के एक स्कूल से रिटायर होने के बाद जिओलॉजी के शिक्षक बॉब एलिसन (68) चीन के यांगझू शहर में नौकरी करने लगे। इस साल 4 जनवरी को उन्हें स्ट्रोक आया, जिससे उनका दायां हिस्सा आंशिक लकवाग्रस्त हो गया। डॉक्टरों को डर है कि एलिसन को एक और स्ट्रोक आ सकता … Read more

अच्छी नींद जिंदगी का आधारभूत नियम, जो जिंदगी बेहतर बनाती है, एक दिन की बात नहीं है; सालभर का काम

Management Funda by N. Raghuraman

एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु गुरुवार की रात भारत-इंग्लैंड का चौथा टी20 मैच देखते हुए मेरा घर दो टीमों में बंट गया। बहस उस ‘सॉफ्ट सिग्नल’ पर थी, जो फील्ड पर मौजूद अंपायर केएन अनंतपद्मानाभन ने दिया था, जब सूर्यकुमार यादव का शानदार शॉट उड़कर डीप फाइन-लेग पर डेविड मलान तक पहुंचा, जिन्होंने विवादास्पद कैच लिया। अनंतपद्मानाभन … Read more

अगर यात्रा नहीं कर सकते, तो चिंतित न हों; सामाजिक दायरे को सींचते रहें क्योंकि रिश्ते ही आपको जीवन में खुश रखेंगे

एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु आ ज रविवार को हम अपने पहले लॉकडाउन का एक साल पूरा कर रहे हैं, संयोग से वह भी जनता कर्फ्यू के रूप में रविवार को ही लगाया गया था। तबसे हमने छुटि्टयों पर जाने की जैसी योजना बनाई थी, असल में वैसा हो ही नहीं पाया। कितनी बार आपके और … Read more

हर पेशे का एक धर्म, सफलता के लिए उसके प्रति समर्पित रहिए और उसे समझिए, कोई मुश्किल नहीं होगी

एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु रविवार की सुबह मैंने जाह्नवी के बारे में पढ़ा, जो महाराष्ट्र के औरंगाबाद में पली-बढ़ी हैं। अमेरिका जाकर उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, सैन डिएगो से इलेक्ट्रॉनिक्स में ग्रेजुएशन किया और सांता बारबरा से मास्टर्स डिग्री पाई। अपने इंजीनियर पति अजीत राव के साथ 2002 में भारत लौटने से पहले उन्होंने अमेरिका … Read more

उद्यमशील समाज का हिस्सा बनें, छोटे-छोटे ‘गिग’ बिजनेस शुरू करते रहें, पता नहीं कब, कौन-सा मुश्किल वक्त में काम आ जाए

एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु ठीक एक साल पहले 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के दौरान हम सभी घरों में रहे थे और उस दिन हमने अपने परिवार के सदस्यों के साथ का आनंद लिया था। लेकिन ज्यादातर लोगों को अंदाजा नहीं था कि यह तो बुरे दिनों की शुरुआत भर थी। जैसे-जैसे दिन बीते और … Read more

हिंसा को प्रोत्साहित न करें, लेकिन अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए लड़ना और आवाज उठना बहुत जरूरी

एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु तीन भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों, भगत सिंह, सुखदेव थापर और शिवराम राजगुरु को 91 साल पहले 23 मार्च को अंग्रेजों ने लाहौर में फांसी पर चढ़ा दिया था। भगत सिंह की 71 वर्षीय भांजी गुरजीत कौर ने शहीद दिवस पर कहा, ‘भगत सिंह हमेशा अपने लिए पहल करने में विश्वास रखते थे। … Read more

जिंदगी में तृप्ति और ठहराव जैसा कुछ नहीं होता; यह खुले कोष्ठकों की तरह है, जितना चाहें, भरते जाएं

Funda by N. Raghuraman

एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु इस मंगलवार मैं मध्य प्रदेश के मंदिरों के शहर उज्जैन से गुजर रहा था। मैंने वहां सड़क पर एक बुजुर्ग व्यक्ति (करीब 80 वर्षीय) को देखा, जिनके मुंह में नीम की दातुन थी और उनके दोनों हाथ फोन पर व्यस्त थे। वे उसमें कॉलेज के उस युवा लड़के ही तरह डूबे … Read more

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के सही इस्तेमाल से करिअर में मिल सकती है अच्छी स्थिरता

German Shepherd Dog

अगर आपकी रुचि टेक्नोलॉजी, खासतौर पर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) में है तो यह उदाहरण आपके लिए है। ग्वालियर की बीएसएफ एकेडमी के नेशनल डॉग ट्रेनिंग सेंटर से टिंकी नाम की जर्मन शेफर्ड को मुजफ्फरनगर में कॉन्सटेबल के पद पर नियुक्त किया गया था। सूंघने की उसकी शानदार क्षमता के कारण उसे 6 साल में 6 … Read more

जब बात जिंदगी की गुणवत्ता और स्तर की होगी, तो हर घर में मतभेद तो होंगे ही

एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु हर पीढ़ी कुछ हासिल करती है। हमारे माता-पिता ने हमें मूलभूत सुविधाएं देने और हमारी अच्छी सेहत सुनिश्चित करने के लिए मेहनत की। फिर जब हमारी पीढ़ी को जिम्मेदारी मिली तो हमने खुद को और माता-पिता को सहूलियतें देने के लिए सुविधाएं और सामान जोड़े। लेकिन अब हमारे बच्चे न सिर्फ … Read more