अगर आप जीत हासिल करना चाहते हैं, तो कभी टालें नहीं, इस अति-आत्मविश्वास में न फसें कि आप अंत में सब संभाल लेंगे

Management Funda By N. Raghuraman

आखिरी ओवर की आखिरी गेंद। जीतने के लिए सात रनों की जरूरत। चूंकि यह असंभव है, इसलिए टीम को एक छक्के की जरूरत है, ताकि टाय हो और सुपर ओवर खेलने मिले। इसकी जिम्मेदारी क्रीज पर खड़े किंग्स इलेवन पंजाब के मैक्सवेल पर है। वे बल्ला घुमाते हैं और गेंद हवा में ऊंची जाती है, जैसे छक्का लगने वाला हो। उन दस सेकंड के लिए सभी की सांसें रुक जाती हैं। लेकिन आखिरकार गेंद बाउंड्री से कुछ मिलीमीटर पहले गिर जाती है और चार रन ही मिलते हैं।

शनिवार को अबुधाबी में हुए आईपीएल मैच में किंग्स इलेवन पंजाब, कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) से दो रनों से हार गई। केकेआर ने एक और अप्रत्याशित जीत हासिल की। ऐसी जीतों ने टीम के लिए कमाल कर दिया है, जैसे उनके मालिक शाहरुख खान बड़े परदे पर आखिर में आकर विलेन की छुट्‌टी कर देते हैं और प्रेमिका का दिल जीत लेते हैं।

क्या गजब मैच था। दोष किंग्स इलेवन का ही था क्योंकि लक्ष्य का पीछा करते हुए अठारहवें ओवर तक मैच उनकी मुट्‌ठी में ही था। राहुल और मयंक ने बड़ी साझेदारी की और मयंक के आउट होने के बाद पंजाब की स्थिति खराब होती गई। उनके लिए अफसोस होता है, लेकिन वे जानते हैं कि गलती उनकी थी। जब दो बॉलीवुड सुपरस्टार्स की टीम भिड़ेगी, तो शाम मनोरंजक ही होगी। और शनिवार भी अलग नहीं था क्योंकि शाहरुख ने अपनी टीम केकेआर के साथ कुछ रोमांचक एक्शन देखे, जिसने प्रीति जिंटा की टीम को केवल दो रन से हरा दिया। हां, हीरो जीता लेकिन हीरोइन खुश नहीं थी।

इससे पहले किंग्स इलेवन के ओपनर राहुल और मयंक की 115 रन की साझेदारी से उम्मीद बनी थी। लेकिन उन्होंने उस गति से रन नहीं बनाए, जितनी जरूरी थी। ऐसे मैचों में केवल विकेट बचाकर नहीं जीत सकते। यहां रनों की जरूरत होती है। आखिरी के चार ओवरों में 10 रन प्रति ओवर की मांग तक पहुंचने पर यह ‘अति-आत्मविश्वास’ हमेशा जोखिमभरा होता है कि आपके पास पर्याप्त विकेट हैं और किंग्स इलेवन ने यह सबक हारकर सीखा।

फिर रविवार आया। खेल उसी पिच पर था, जिसपर शनिवार को केकेआर और किंग्स इलेवन भिड़े थे। इसलिए रन बनाना आसान नहीं था। संयोग से लक्ष्य भी समान रहा। पहली टीम ने 162 रन बनाए और दूसरी टीम को जीत के लिए 163 रन चाहिए थे।

मुंबई इंडियंस (एमआई) के खिलाड़ियों ने सोच-समझकर खेला और शांति से खेलते हुए दो गेंद बाकी रहते हुए, दिल्ली कैपिटल्स पर पांच विकेट से जीत हासिल की। दिल्ली कैपिटल्स से अंक तालिका में शीर्ष स्थान छीनने में इस जीत ने चार बार की चैंपियन एमआई की मदद की। दोनों टीमों के 10 अंक हैं लेकिन एमआई का रन रेट कैपिटल्स से बेहतर है। याद रखें कि बेहतरीन लाइनअप के बावजूद एमआई के लिए लक्ष्य का पीछा आसान नहीं था, फिर भी उन्होंने दबाव कम करने के लिए समझदारी से बल्लेबाजी की।

किंग्स इलेवन पंजाब और एमआई के बीच अंतर केवल आखिरी दो ओवरों में जीत के जरूरी रनों का था। किंग्स इलेवन को 12 गेदों में 20 रन, जबकि एमआई को 15 गेंदों में 11 रनों की जरूरत थी। इस अंतर का कारण था शुरुआती ओवरों में टालने की प्रवृत्ति या ‘हो जाएगा’ वाला रवैया।

फंडा यह है कि अगर आप जीत हासिल करना चाहते हैं, तो कभी टालें नहीं, इस अति-आत्मविश्वास में न फसें कि आप अंत में सब संभाल लेंगे।

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